Home घ्ररेलु नुस्खे Arandi Ka Tel Ke Faide: अरंडी तेल के बहतरीन फायदे और नुकशान

Arandi Ka Tel Ke Faide: अरंडी तेल के बहतरीन फायदे और नुकशान

Arandi Ka Tel ke faide: अरंडी एक वनस्पति पौधा होता हैं, यह पुरे दुनिया में भारत और अफ्रीका में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। अरंडी के बीज से जो तेल तैयार किया जाता हैं उसे ही अरंडी का तेल (Castor Oil In Hindi) और इंग्लिश में कैस्टर ऑयल कहा जाता हैं, किसी तेल को ओषधि के रूप में इस्तेमाल किये जाने वाले तेलों में से अरंडी का तेल ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हैं। त्वचा सम्बन्धी इलाजो में अरंडी का तेल (Arandi Ka Tel) सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता हैं। अरंडी को भारत में अलग अलग राज्यों में कई नामो से जाना जाता हैं जैसे, तमिल में अमानकु एनी, मराठी में इरांदेला टेला, बांग्ला में रिरिरा टेला और तेलुगु में अमुदामु कहा जाता हैं।

अरंडी तेल के फायदे (Castor Oil In Hindi)

बहुत लम्बे आरसे से ही अरंडी का तेल घरेलु उपचारो में किया जाता आ हैं राहा हैं। इस तेल को तैयार करने के लिए इसके बीजों का पीसकर इससे तेल निकाला जाता हैं। इसका प्रयोग साबुन तैयार करने में तथा, मालिश के तेल, कॉस्मेटिक्स और त्वचा सम्बन्धी रोगो में इलाज किया जाता हैं, यहाँ तक की आँखों की समस्या, पिम्पल-मुहासे की समस्या में भी अरंडी का तेल का इस्तेमाल किया जाता हैं। यह तेल थोड़ा गाढ़ा और हल्के पीले रंग का होता है। तो चलिए बिस्तर से जानते हैं अरंडी के तेल के फायदे, अरंडी के तेल का उपयोग, अरंडी का औषधीय गुण और अरंडी तेल के नुकशान।

एरंडी तेल का औषधीय गुण (Arandi Ka Tel ke faide)

इसमें इतने सारे गुण है कि इसे दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कब्ज, अर्श, वात, भगंदर रोगियों को अरंडी का तेल इस्तेमाल सबसे लाभदायक होता हैं। सूजन-दर्द को कम करने के लिए, त्वचा सम्बन्धी रोगो में इस तेल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता हैं। आगे बिस्तर से जाने अरंडी का तेल के फायदे।


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अरंडी के तेल के प्रकार (Type Of Castor Oil)

अरंडी का तेल (कैस्टर ऑयल) 3 प्रकार के होते हैं A) जमैकन ब्लैक कैस्टर ऑयल B) हाइड्रोजनेटेड कैस्टर ऑयल C) ऑर्गेनिक कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल।

जमैकन ब्लैक कैस्टर ऑयल– इस तेल को बनाने के लिए इसके बीजको भूनकर फिर इसे दबाकर इसका तेल निकला जाता हैं। यह तेल थोड़ा काले रंग का होता हैं इसका कारन भूनने के दौरान जो राख निकलती है उस राख को भी तेल में मिला दिया जाता हैं। इस तेल में खारापन काफी मात्रा होता है।

ऑर्गेनिक कोल्ड-प्रेस्ड कैस्टर ऑयल- इसे तैयार करने के लिए किसी भी तरह का आंच का प्रयोग नहीं किया जाता। इसका रंग पीले रंग का होना हैं।

हाइड्रोजनेटेड कैस्टर ऑयल– यह हाइड्रोजनेटेड अरंडी तेल है। यह तेल दूसरे अरंडी के तेल की मुकाबले गंधहीन होता है। इस तेल का उपयोग खासतौर पर कॉस्मेटिक के उत्पादनो में किया जाता है।

अरंडी के तेल के फायदे – Arandi Ka Tel ke faide

अरंडी तेल का उपयोग डैंड्रफ को दूर करने में (Arandi oil for hair in hindi)

अगर आप डैंड्रफ की समस्या से जुज रहे हैं तो अरंडी का तेल आपका बहुत काम आ सकता हैं। अरंडी के तेल से सिर मसाज करने पर डैंड्रफ दूर हो जाते हैं। 

अरण्डी का तेल बालों के लिए (Castor hair oil in Hindi)

बालों के लिए सबसे अच्छा तेल की बात करे तो अरंडी का तेल सबसे बेहतर हैं। बाल जल्दी सफ़ेद हो जाना एक आम बात हैं, अगर आपके बाल सफ़ेद होने लगा हैं तो अरंडी का तेल लगाने से बालों का रंग सफ़ेद होने से रोका जा सकता हैं। यह घरेलु नुश्खा बहुत पुराना हैं जो आज भी इस्तेमाल किये जाते हैं। इसके अलावा अरंडी का तेल ड्राई हेयर के लिए बहुत उपयोगी है।

अरंडी तेल के फायदे गोरेपन के लिए (Castor oil for skin whitening in hindi)

एरंड तैल का चेहरे को गोरा करने में तथा चेहरे की रौनक लौटाने में मदद करता है। आप अरंडी तेल का इस्तेमाल त्वचा में निखार लाने के लिए कर सकते हैं।

अरंडी तेल का उपयोग पीठ दर्द के लिए (Back pain home remedies in hindi)

पीठ दर्द या बदन दर्द के इलाज के लिए अरंडी का तेल सबसे उत्तम और कारगर उपाय हैं। अरंडी के तेल से पीठ या दर्द के स्थान पर मालिस करने पर पुराने से पुराने दर्द कम हो जाता है, या फिर अरंडी के तेल को आप रुई में भिगोकर दर्द की जगह पर साफ सुते के कपड़े से बांध कर रखे इससे दर्द काफी हद तक कम हो जायेगा। सूजन हो या पीठ दर्द अरंडी के तेल का उपयोग सबसे आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय है। यह कमर दर्द (kamar dard) का घरेलू उपचार भी हो सकता हैं।

अरंडी के तेल के पौष्टिक तत्व (Castor oil ke fayde)

1% स्टीयरिक एसिड, 3% ओलिक एसिड, 4% लिनोलिक एसिड, 1% अन्य फैटी एसिड।

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अरंडी तेल का फायदे दाद के इलाज में

दाद के इलाज में अरंडी तेल का प्रयाग एक रामबाण इलाज साबित हो सकता हैं यह तेल त्वचा के हर तरह के संक्रमण को रोकने में सक्षम हैं। 2 चम्मच नारियल तेल में 1 चम्मच अरंडी का तेल को मिलाकर दाद वाली जगह पर लगाने से दाद से छुटकारा मिल जाता हैं। अरंडी तेल में अंडरएलेनेनिक नामक एक रसायन मौजूद होता हैं जो त्वचा संक्रमण को रोकता हैं।

दाग धब्बों दूर करे अरण्डी का तेल (Castor oil for skin in hindi)

चाहरपे झुर्रियों के बजह से अकसर दाग, काले धब्बे रह जाते हैं तो ऐसे में अरंडी के तेल का उपयोग आपके चेहरे से काले धब्बों दूर करने के लिए मदत कर सकता हैं। क्यू की इस तेल में प्रचुर मात्रा में फैटी एसिड पाए जाते हैं जो चहरे को साफ रखने में मदत करता हैं। इसमें मौजूद फैटी एसिड त्वचा के अंदर के कोशिकाओं को स्वस्थ रखता हैं और डेड सेल्स को भी बाहर निकल ता हैं। यह प्रक्रिया धीरे धीरे होता हैं लेकिन इसका परिणाम बहुत लाभजनक होता हैं, तो अगर आप अपने चहरा बिना दाग धब्बे के रखना चाहते हैं तो इसका इस्तेमाल जरूर करे।

अरंडी तेल के कुछ अन्य फायदे (Arandi ke tel ke fayde)

  • होठों को आकर्षक और नरम बनाने के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अरंडी का तेल त्वचा को हर तरह के संक्रमण से रोकता हैं।
  • अरंडी के तेल को रुसी कम करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों को लम्बा, घना और मुलायम करने के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे रुसी भी कम हो जाता हैं।
  • कील और मुंहासों दूर करने के लिए अरंडी के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • आँखों की पलकों को गहरा और सुन्दर बनाने के लिए अरंडी का तेल आपका मदद कर सकता है।
  • अपने चेहरे को हमेशा मॉस्चराइज़ रखने के लिए 2 बूंद अरंडी के तेल अपने चेहरे पे हलके हाथो से मसाज करे।
  • बालों को मुलायम रखने के लिए नहाने के बाद 1 चमच अरंडी के तेल को अपने बालों में लगाएं और मसाज करे।
  • वीडियो में देखे
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सावधानियां (Use of castor oil in Hindi)

  • बच्चे के चेहरे पे इस तेल को न लगाए।
  • गर्भवती महिलाएं अरंडी के तेल का सेवन से दूर रहे।
  • बच्चे को इस तेल से मालिश के बाद ध्यान रहे की बच्चे हाथ मुंह में न लें, इससे नुकशान हो सकता हैं।
  • जिन लोगो को त्वचा सम्बन्धी अलेर्जी हैं वो इसके उपयोग से दूर रहे।
  • कब्ज के शिकार रोगी इसका सेवन ज्यादा न करें।

अरंडी के तेल के नुकसान (Side Effects of Castor Oil in Hindi)

अरंडी के तेल में वैसे तो फ़ायदे बहुत हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।

इसके तासीर गर्म होते हैं इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

इसके ज्यादा इस्तेमाल से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे- उलटी, पेटमे मरोर,चक्कर आना इत्यादि।

गर्वबती महिलाये इसका सेबन बिलकुल न करे इससे समस्या हो सकती हैं, और तो और स्तनपान करने वाली महिलाये भी इसका इस्तेमाल से बचे।

अगर आप इसका इस्तेमाल करने जा रहे हैं तो कृप्या पहले चिकित्सक से सलाह जरूर ले।

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नोट:-healthayurindia.com के इस आर्टिकल केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। कृपया इसके उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले। 

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