मर्दो के लिए लहसुन खाना कितना हैं फायदेमंद

भारत में एक समय था जब आज की तरह जगह-जगह दवा की दुकानें नहीं होती थीं। उस समय  आयुर्वेदिक उपचार के लिए लहसुन का इस्तेमाल भी होता था। 
लहसुन एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसीन (Allicin) और दूसरे सल्फर यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन (ajoene) एलीन (allein) जैसा यौगिक भी मौजूद होता है, जो लहसुन को और ज्यादा असरदार दबा बना देता हैं। हालांकि, इन तत्वों और यौगिकों की वजह से ही लहसुन का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन यही घटक लहसुन को संक्रमण दूर करने की क्षमता भी देते हैं
लहसुन दिल से संबंधित समस्याओं को भी दूर करता है। लहसुन खाने से खून का जमाव नहीं होता है और हार्ट अटैक होने का खतरा कम हो जाता है। 

सुबह खाली पेट अगर लहसुन की 2-4 कलियां चबाकर कमजोर मर्द खाएं तो प्राइवेट पार्ट के कार्पस कैवर्नोसा में रक्त का बहाव पूरा होता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर हो जाती है.

पेट से जुड़ी बीमारियों जैसे डायरिया और कब्ज की रोकथाम में लहसुन बेहद उपयोगी है। पानी उबालकर उसमें लहसुन की कलियां डाल लें। खाली पेट इस पानी को पीने से डायरिया और कब्ज से आराम मिलेगा।
हाई ब्लड प्रेशर में घरेलू उपाय के तौर पर लहसुन का सेवन काफी फायदेमंद साबित हुआ है। दरअसल, लहसुन में बायोएक्टिव सल्फर यौगिक, एस-एललिस्सीस्टीन मौजूद होता है, जो ब्लड प्रेशर को 10 mmhg (सिस्टोलिक प्रेशर) और 8 mmhg (डायलोस्टिक प्रेशर) तक कम करता है। चूंकि, सल्फर की कमी से भी हाई ब्ल्ड प्रेशर की समस्या होती है, इसलिए शरीर को ऑर्गनोसल्फर यौगिकों वाला पूरक आहार देने से ब्लड प्रेशर को स्थिर करने में मदद मिल सकती है


हर रोज बदलती और असंतुलित जीवनशैली की वजह से कई लोग डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी का शिकार हो रहे हैं, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि लहसुन का सेवन करने से डायबिटीज पर लगाम लगाई जा सकती है। 

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